| Artikelnummer | 231621027 | Erscheinungsdatum | 2026/06/18 | Listenpreis | €2.00 | Modellnummer | 231621027 | ||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| Kategorie | |||||||||
ईश्वर के अपने देश के देवता एक ओझल हुई संस्कृति और उसके आसपास के समुदायों की याद दिलाते हैं। तेय्यम केरल - ईश्वर के अपने देश, भारत में द्रविड़ संस्कृति को दर्शाता अनुष्ठानों से पूर्ण एक कला रूप है। यह पुस्तक तेय्यम, उसे जुड़े सुंदर चित्र और सैकड़ों कहानियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करती है। हम यह पुस्तक तेय्यम कलाकारों को समर्पित करते हैं, जो "लोगों के, लोगों के द्वारा, लोगों के लिए" वास्तविक देवता हैं।अपने प्रबंधन परामर्श और स्वयंसेवी कार्यो के दौरान, लेखक को पिछले तीन दशकों और लगभग बीस देशों में अपने कैमरे के साथ विचरण करने और सत्य को करीब से देख पाने में ईश्वर की अद्भुत कृपा-दृष्टि रही है; उसने अभी तक ऐसी कोई जगह नहीं देखी है जहाँ एक समय में 500 से अधिक देवता पृथ्वी पर उतरते हो। पश्चिमी घाट पर्वत श्रृंखला (यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल) और विशाल अरब सागर के बीच बसा, प्राकृतिक हरियाली से आच्छादित, उत्तरी मालाबार के पहाड़ी इलाको के थेय्यम देवता वहां के दबे-कुचले बासिंदों को गले लगाने के लिए अपने असामान्य रास्ते खोल देते हैं। श्रेय उन तेय्यम देवताओं को जाता है, जिनके कारण मालाबार क्षेत्र वास्तव में एक पहाड़ी पर बसा देदीप्यमान शहर बन सका है। ये देवता पोशाक डिजाइनर, चित्रकार, संगीतकार, कारीगर, ड्रमर और कोरियोग्राफर के रूप में असंख्य हो जाते हैं। वे मानव लोकों को पार कर रहस्यमय रूप प्राप्त कर लेते हैं, जहां वे भारी-भरकम परिधान को सहज रूप से धारण कर धधकती आग पर विहार करने में समर्थ हो जाते हैं।ईश्वर के अपने देश के देवता , ईश्वर के अपने देश - केरल की मालाबार पहाड़ियों पर प्रकाशमान इलाकों के अनुष्ठान से भरे नृत्य, उनकी विशाल ऐतिहासिक धरोहर और थेय्यम की चकित कर देने वाली शानदार कलाबाजियां, आपको एक हैरत से भरी यात्रा पर ले जाते हैं। पुस्तक तेय्यम की मनोरम छवियों और कहानीयों को बड़ी खूबी से बयान करती है।पुस्तक का दूसरा भाग सदियों पुरानी, मंत्रमुग्ध कर देने वाली 101 तेय्यम कहानियों को अपने में समेटने का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य करता है। मिसिसिपी डेल्टा में महसूस होने वाले अवसाद की तरह, गीत और नृत्य के जरिए, थोट्टम और तेय्यम 5000 साल पुरानी चातुर्वर्ण्य जाति व्यवस्था से आबद्ध होकर, ईश्वर के स्वयं के देश के मूल निवासी द्रविड़ों के अवसाद को व्यक्त होता आप देख सकते हैं। शक्तिशाली वर्ग और अन्यायपूर्ण व्यवस्थाओं के विरुद्ध एक सच्चा लेकिन दिव्य विद्रोह, उनकी कहानियां और कला हमारे दिलों को अन्दर से झकझोरने लगती हैं। Read more
Wenn Sie Unvollständigkeiten oder Fehler in den Produktinformationen auf dieser Seite bemerken, nutzen Sie bitte das Korrekturformular unten.
Korrekturanfrage